भाजपा नेतृत्व को मसूरी में करनी होगी विधानसभा पूर्व मंत्री अग्रवाल भी ठोंक रहे हैं ताल।
भाजपा नेतृत्व को मसूरी विधानसभा में मशक्कत करनी होगी। पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल भी मसूरी सीट से ताल ठोंक रहे हैं। उनका कहना है कि मसूरी विधानसभा मेरे लिए नई नहीं है वहां मेरा घर रहा है। भाजपा नेतृत्व को मसूरी से अपना उम्मीदवार उतारने में सबसे ज्यादा मशक्कत करनी होगी। मसूरी विधानसभा से सरकार में मंत्री गणेश जोशी यहां से लगातार तीसरी बार विधायक हैं, बावजूद इस सीट पर दावेदारों की संख्या बढ़ती जा रही है। 55 साल तक कांग्रेस के साथ जुड़े रहे पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल कहने को धर्मपुर से विधायक रहे चुके हैं लेकिन उनका भी दिल मसूरी पर आ गया है।
हालांकि उनका कहना है कि मसूरी और धर्मपुर में वैकेंसी नहीं है लेकिन भाजपा अगर उन्हें चुनाव मैदान में उतारेगी तो गुरेज भी नहीं है। उनका कहना है कि मसूरी विधानसभा मेरे लिए नई नहीं है वहां मेरा घर रहा है। दिनेश अग्रवाल ने विशेष बातचीत में कांग्रेस से हुए मोहभंग के कारण भी बताएं और भाजपा में आने के बाद नेताओं और पार्टी की कार्यशैली में अंतर क्या है, इसका उल्लेख भी किया।
