टिहरी झील में बोटिंग कर सकते हैं पीएम मोदी चुनावी साल से पहले ही प्रस्तावित हुए जनसभा के कई मायने।
चुनावी साल से पहले टिहरी में प्रधानमंत्री मोदी की प्रस्तावित जनसभा के कई मायने हैं। कोटीकॉलोनी में सुरक्षा और व्यवस्थाओं का अधिकारियों ने जायजा ले रहे हैं।अधिकारियों ने टिहरी झील में संचालित क्रूज और बार्ज बोट में जाकर सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं को भी परखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टिहरी में प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। टिहरी झील किनारे कोटीकॉलोनी में प्रस्तावित बड़ी जनसभा के साथ प्रधानमंत्री के साहसिक पर्यटन से जुड़े कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री टिहरी बांध की झील में कोटीकॉलोनी से डोबरा-चांठी तक बोटिंग कर सकते हैं। इसे टिहरी झील में साहसिक पर्यटन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को सफल बनाने के लिए टीएचडीसी ने विभिन्न समितियों का गठन कर अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंप दी हैं। बृहस्पतिवार को टीएचडीसी के मुख्य महाप्रबंधक आरआर सेमवाल, एएसपी दीपक सिंह, एसडीएम कमलेश मेहता, जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने कोटीकॉलोनी क्षेत्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने टिहरी झील में संचालित क्रूज और बार्ज बोट में जाकर सुरक्षा और संचालन व्यवस्थाओं को भी परखा। एसडीआरएफ की टीम ने भी सुरक्षा इंतजामों का परीक्षण किया।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री कुछ समय के लिए झील में संचालित क्रूज बोट में रुक सकते हैं। इसके अलावा कोटीकॉलोनी के आसपास होमस्टे में कुछ समय प्रवास की संभावनाओं को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने उपयुक्त स्थानों की तलाश शुरू कर दी है। सुरक्षा मानकों के अनुरूप होमस्टे चिह्नित किया जा रहा है।
