मां की आंखों में आज भी बेटे की वापसी का इंतजार, सूर्या की याद में छलका दर्द
घर की दीवार पर टंगी बेटे सूर्या की तस्वीर और उसे निहारती मां की नम आंखें हर किसी का दिल दहला रही थीं। जिस बेटे ने घर से निकलते समय कुछ ही देर में लौटने का वादा किया था, उसके कभी वापस न आने का दर्द परिवार को भीतर तक तोड़ गया है। मां सरोज ठाकुर ने बेटे को याद करते हुए कहा कि जिन्होंने उनके साथ यह अन्याय किया है, उन्होंने उनका घर, रोजगार और अब जीने का सहारा भी छीन लिया। बेटे की याद में डूबी मां की आंखें आज भी उसकी एक झलक और कान उसकी आवाज सुनने का इंतजार कर रहे हैं।

रविवार सुबह परिवार का दर्द उस समय और छलक उठा जब पुलिस ने मुख्य आरोपी असद के मुठभेड़ में मारे जाने की जानकारी दी। शुरुआत में परिजनों ने इस सूचना पर संदेह जताते हुए कहा कि जब तक उन्हें असद का शव नहीं दिखाया जाएगा, तब तक वे इस बात पर विश्वास नहीं करेंगे। हालांकि बाद में पुलिस अधिकारियों और मौके पर पहुंचे जनप्रतिनिधियों द्वारा समझाने के बाद परिजनों ने जानकारी पर भरोसा जताया। इसके बावजूद परिवार का कहना है कि बेटे की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती और उन्हें न्याय की पूरी उम्मीद है।

