भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति का राष्ट्रीय अधिवेशन किया गया आयोजित संकट का सामना कर रहे खेती और किसान
संकट का सामना कर रहे खेती और किसान-धर्मेद्र सिंह
हरिद्वार, 3 जून अलकनंदा मैदान पर आयोजित भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति के राष्ट्रीय अधिवेशन में खेती किसानी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करते हुए सरकार से किसानों की समस्याएं दूर करने की मांग की गयी। इस दौरान संगठन में पदाधिकारियों की नियुक्ति भी की गयी। अधिवेशन को संबोधित करते हुए भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति के राष्ट्रीय अध्यक्ष धर्मेद्र सिंह ने कहा कि खेती और किसान दोनों संकट का सामना कर रहे हैं।

सरकार को किसानों की समस्याएं दूर करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में खाद की कमी, बढ़ती कीमतों और कालाबाजारी के चलते किसान गहरे आर्थिक दबाव में हैं। गन्ना मिलों पर बकाया भुगतान के लिए किसान संघर्ष कर रहे हैं। धर्मेद्र सिंह ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान आयोग का गठन किया जाए। आयोग में किसान संगठनों को प्रतिनिधित्व दिया जाए।

किसान सम्मान निधि को बढ़ाकर 20 हजार वार्षिक किया जाए। किसानों को दो लाख रूपए तक का ब्याज मुक्त क्रेडिट कार्ड जारी किया जाए। स्वामी नाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए सभी फसलों को एमएसपी की गारंटी के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है। अन्नदाता खुशहाल होगा तभी देश आगे बढ़ेगा। किसानों की तरक्की के लिए केंद्र व राज्य सरकारों को तत्काल कदम उठाने चाहिए। कहा कि किसानों के हितों के लिए भारतीय किसान यूनियन जनशक्ति का संघर्ष निरंतर जारी रहेगा।
इस दौरान राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष देवेंद्र शुक्ला, राष्ट्रीय मुख्य महासचिव सुशील सिंह चौहान, राष्ट्रीय संगठन मंत्री डा.नरपाल सिंह, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वीके सिंह, कृष्ण कुमार शुक्ला, राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप चौहान, राष्ट्रीय सलाहकार तिलकराज वर्मा, राष्ट्रीय महासचिव विनेश तिवारी, अमित वैष्णव, सुधीर चौधरी, विपुल चौधरी, कविता राणा, गुरदीप कौर, विजय गोयल, अवनीश सिंह, अनिल कन्नौजिया, आशीष सिंह, जोगेंद्र चौधरी, वीर बहादुर सिंह, अबरार, प्रवीण तोमर, नागेंद्र प्रताप सिंह, सुनील कुमार, वीरेंद्र गिल, धीरेंद्र परिहार, मुकेश गौतम, सचिन चौधरी, आद्या प्रसाद मिश्रा सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।

