• Mon. Apr 27th, 2026

हरिद्वार में राजाजी टाइगर रिजर्व के मंदिर में मंत्री के बेटे की शादी पर की गई सख्ती समिति के लोगों पर होगा मुकदमा दर्ज।

ByKOMAL.PUNDIR

Apr 26, 2026
Picsart 26 04 26 17 31 42 849

हरिद्वार में राजाजी टाइगर रिजर्व के मंदिर में मंत्री के बेटे की शादी पर की गई सख्ती समिति के लोगों पर होगा मुकदमा दर्ज।

 

राजाजी टाइगर रिजर्व के कोर जोन में मंदिर में कैबिनेट मंत्री खजानदास के बेटे के विवाह समारोह से जुड़े इंतजाम को लेकर पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। इसके बाद विभाग ने सख्ती दिखाई है। प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री खजान दास के बेटे की शादी राजाजी टाइगर रिजर्व के हरिद्वार रेंज स्थित मां सुरेश्वरि देवी मंदिर परिसर में करने की तैयारियों पर विभाग ने सख्ती दिखाई है। मंदिर समिति के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

रविवार को शादी प्रस्तावित थी, जिसके लिए सभी सामान मंदिर परिसर में पहुंच गया था, मंदिर परिसर को शादी की तरह सजाया गया भी था, लेकिन जैसे ही राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को यह जानकारी मिली तो उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी और सामान को उठवा दिया। इसे बाद केवल पूजा अर्चना और धार्मिक क्रिया की गई।

राजाजी टाइगर रिजर्व में सुरेश्वरी देवी मंदिर स्थित है, यहां पर श्रद्धालु विभिन्न जगहों से दर्शन के लिए पहुंचते हैं। एक सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल हुई, इसमें कहा गया था कि मंदिर में केवल पूजा- अर्चना हो सकती है। इसमें आरोप लगाते हुए कहा गया कि रविवार को एक कैबिनेट मंत्री के बेटे का विवाह समारोह है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होंगे। इसको लेकर इंतजाम किया जा रहा है। बिजली की व्यवस्था के लिए जनरेटर की व्यवस्था की जा रही है। इससे वन्यजीवों का मूवमेंट प्रभावित हो सकता है।

आरोप था कि इसमें राजाजी टाइगर रिजर्व के अधिकारी भी मदद कर रहे हैं। यह मामला वन महकमे के उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा। इसके बाद वार्डन को मौके पर जांच के लिए भी भेजा गया। इस संबंध में राजाजी टाइगर रिजर्व के प्रभारी निदेशक राजीव धीमान ने बताया कि शिकायत आयी थी, मौके पर अधिकारियों को भेजा गया।

आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, इस बाबत कैबिनेट मंत्री खजान दास का कहना था कि मंदिर में वैवाहिक रस्म थी। इसके बाद भंडारे का प्रसाद का वितरण किया जाना था। कोई अन्य बात नहीं थी, कोई ढोल नगाड़े नहीं बजने थे। कोई भी ऐसा कार्य नहीं किया जाएगा, जिससे वन, वन्यजीवों को कोई प्रभाव पड़े। मंदिर में पूर्व में भी भंडारा होता रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *