हर की पौड़ी पर ‘एक्स मुस्लिम’ पदयात्रा की दस्तक, बिजनौर से हरिद्वार पहुंचे सैकड़ों लोग, उठी ‘जीने के अधिकार’ की मांग
उत्तर प्रदेश के बिजनौर से निकली दो दिवसीय सद्भावना पदयात्रा रविवार को हरिद्वार हर की पौड़ी पहुंची, जहां सैकड़ों ‘एक्स मुस्लिम’ एकत्रित हुए। यात्रा का नेतृत्व इमरोज आलम कर रहे थे। इस दौरान संत राम विशाल देव ने कहा कि इस यात्रा में शामिल लोग वे हैं जिन्होंने इस्लाम मजहब को छोड़ दिया है और अब सनातन परंपरा की ओर अग्रसर हैं।

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को समाज में सम्मान और सुरक्षा मिलनी चाहिए, क्योंकि वे भी समान अधिकारों के हकदार हैं। संत राम विशाल देव ने इसे ‘घर वापसी’ बताते हुए कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपनी आस्था के अनुसार जीवन जीने की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
वहीं यात्रा के नेतृत्वकर्ता इमरोज आलम ने हर की पौड़ी पहुंचकर कहा कि यह दुनिया की पहली ऐसी पदयात्रा है, जिसका उद्देश्य उन लोगों के अधिकारों की आवाज उठाना है जो इस्लाम छोड़ चुके हैं या छोड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि कई लोग डर के कारण अपनी पहचान उजागर नहीं कर पाते, क्योंकि उन्हें जान का खतरा रहता है। इमरोज आलम ने कहा कि उनकी यह यात्रा केवल एक ही संदेश देती है—“हमें भी जीने का अधिकार है।”

