• Tue. May 19th, 2026

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है।हलाला पीड़िता के परिवार से मिले मदरसा बोर्ड अध्यक्ष।

ByKOMAL.PUNDIR

May 19, 2026
Picsart 26 05 19 11 16 50 459 scaled{"remix_data":[],"remix_entry_point":"challenges","source_tags":[],"origin":"unknown","total_draw_time":0,"total_draw_actions":0,"layers_used":0,"brushes_used":0,"photos_added":0,"total_editor_actions":{},"tools_used":{},"is_sticker":false,"edited_since_last_sticker_save":false,"containsFTESticker":false}

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है।हलाला पीड़िता के परिवार से मिले मदरसा बोर्ड अध्यक्ष।

उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता यानी UCC को लेकर एक बार फिर बड़ा बयान सामने आया है। उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने हरिद्वार के बंदरजूड गांव पहुंचकर हलाला प्रकरण की पीड़िता के परिवार से मुलाकात की और साफ शब्दों में कहा कि समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और न्याय की दिशा में ऐतिहासिक कदम है।

उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मुफ़्ती शमून क़ासमी ने ग्राम बंदरजूड पहुंचकर हलाला प्रकरण से जुड़ी पीड़िता के परिवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवार को न्यायिक प्रक्रिया में हर संभव सहयोग और संवैधानिक अधिकारों का भरोसा दिलाया। मुफ़्ती शमून क़ासमी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने समाज में व्याप्त कुप्रथाओं के खिलाफ साहसिक कदम उठाया है।

उन्होंने कहा कि इस्लाम महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और न्याय देने की शिक्षा देता है, जबकि हलाला और तत्काल तीन तलाक जैसी प्रथाएं महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता इस्लाम विरोधी नहीं है। यह महिलाओं की गरिमा और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री धामी ने सामाजिक सुधार और महिला सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक पहल की है। क़ासमी ने कहा कि उत्तराखंड सरकार संविधान की भावना के अनुरूप सभी नागरिकों के लिए समान न्याय सुनिश्चित करने का कार्य कर रही है। उन्होंने समाज से धर्म के नाम पर चल रही कुप्रथाओं और शोषणकारी प्रथाओं के खिलाफ एकजुट होने की अपील भी की। दौरे के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।

वहीं उन्होंने शिक्षा,सामाजिक सद्भाव और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने का संदेश दिया।उत्तराखंड में UCC और हलाला प्रकरण को लेकर जारी बहस के बीच मुफ़्ती शमून क़ासमी का यह बयान राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *