रतमऊ के कहर वाली जमीन पर फिर ‘रिवरसाइड सिटी’ का खेल! पुराने हादसे के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
उत्तराखंड के रुड़की में दिल्ली-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे बढ़ेड़ी राजपूताना क्षेत्र में नदी किनारे प्रस्तावित ‘रिवरसाइड सिटी’ को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी इलाके में पूर्व में ‘अरुण देव सिटी’ के नाम से की गई प्लॉटिंग बारिश और रतमऊ नदी के उफान की चपेट में आ चुकी है। बाढ़ के दौरान सड़क, बाउंड्री वॉल और निर्माणाधीन ढांचे तक प्रभावित हुए थे और कई खरीदारों की गाढ़ी कमाई संकट में पड़ गई थी। ऐसे में सवाल है कि पुराने घटनाक्रम से सबक लिए बिना उसी संवेदनशील क्षेत्र में फिर से आवासीय परियोजना कैसे सामने आ रही है?
सबसे बड़ा सवाल नदी के संभावित बाढ़ क्षेत्र, पर्यावरणीय मानकों और निर्माण की वैधता को लेकर है। क्या संबंधित विभागों ने इस जमीन की बाढ़ संवेदनशीलता, भूमि उपयोग और निर्माण की अनुमति की पूरी जांच की है? यदि बरसात में रतमऊ नदी फिर विकराल रूप लेती है और कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान होता है, तो जवाबदेही किसकी होगी? प्रशासन और संबंधित विकास प्राधिकरण को चाहिए कि निर्माण अथवा प्लॉटिंग की वैधता और सुरक्षा मानकों की तत्काल जांच करें, ताकि चमकदार प्रॉपर्टी के दावों के पीछे लोगों की जिंदगीभर की कमाई और सुरक्षा दांव पर न लगे।
