अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने के लिए फिर हमलावर हुआ विपक्ष, दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति पर सपा ने उठाए सवाल
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर एक बार फिर विपक्ष सरकार पर हमलावर दिखाई दे रहा है। दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के बाद अंकिता के माता-पिता के विरोध के बीच अब समाजवादी पार्टी ने भी इस नियुक्ति पर सवाल खड़े कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के उत्तराखंड सह प्रभारी महंत शुभम गिरी ने भाजपा सरकार को घेरते हुए राष्ट्रपति से दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद से बर्खास्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अंकिता भंडारी के माता-पिता पिछले चार वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, ऐसे में उनकी मांगों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसी मामले को लेकर जांच और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े सवाल सामने हों, तो संवैधानिक पद पर नियुक्ति के विषय पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
महंत शुभम गिरी ने अंकिता भंडारी मामले की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और जिला न्यायालय के पूर्व न्यायाधीशों की स्वतंत्र समिति गठित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी संसद में अंकिता का मुद्दा उठाया है और दिल्ली में उनके माता-पिता से मुलाकात कर उनकी आवाज को मजबूती दी है। इंडिया गेट पर न्याय की मांग कर रहे अंकिता के माता-पिता को हटाए जाने पर भी उन्होंने नाराजगी जताई। सपा नेता ने कहा कि अंकिता के परिवार को न्याय दिलाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलता, तब तक इस मुद्दे को उठाया जाता रहेगा।

