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उत्तराखंड की जनता पर पड़ेगी महंगाई की एक और मार 1अप्रैल से बिजली और पानी होगा महंगा जाने क्या होंगे नए रेट

ByKOMAL.PUNDIR

Mar 31, 2022
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उत्तराखंड की जनता पर पड़ेगी महंगाई की एक और मार 1अप्रैल से बिजली और पानी होगा महंगा जाने क्या होंगे नए रेट

उत्तराखंड की जनता पर पड़ेगी महंगाई की एक और

मार 1अप्रैल से बिजली और पानी होगा महंगा जाने

क्या होंगे नए रेट

उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली और पानी भी महंगा होने जा रहा है।

उत्तराखंड की जनता पर पड़ेगी महंगाई की एक और मार 1अप्रैल से बिजली और पानी होगा महंगा जाने क्या होंगे नए रेट

उत्तराखंड में एक अप्रैल से बिजली और पानी भी महंगा होने जा रहा है। घरेलू पेयजल उपभोक्ताओं के लिए नौ से 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी तय है। वहीं, कमर्शियल उपभोक्ताओं को 15 फीसदी से अधिक भुगतान करना होगा। बिजली के भी नए रेट गुरुवार को जारी होंगे। विद्युत नियामक आयोग ने नए रेट को अंतिम रूप दे दिया है।

उत्तराखंड की जनता पर पड़ेगी महंगाई की एक और मार 1अप्रैल से बिजली और पानी होगा महंगा जाने क्या होंगे नए रेट

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग

उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग की तरफ से बिजली के नए रेट तय करने की प्रक्रिया को पूरा कर दिया गया है. ऐसे में उम्मीद है कि आज आयोग की तरफ से नए रेट जारी कर दिए जाएंगे. इस तरह नए वित्तीय वर्ष से लोगों को नए रेट के हिसाब से कुछ बढ़े रेट पर बिजली खरीदनी होगी. यह व्यवस्था घरेलू और कमर्शियल दोनों के लिए ही अलग-अलग बढ़े हुए दामों के साथ तय की जाएगी.

लोगों के लिए दिक्कतें बस इतनी

लोगों के लिए दिक्कतें बस इतनी ही नहीं है क्योंकि प्रदेश में एक तरफ आज आयोग की तरफ से बिजली के दाम तय किए जाएंगे, तो दूसरी तरफ पानी के बिल भी नए वित्तीय वर्ष से उपभोक्ताओं को बढ़े हुए मिलेंगे. जानकारी के अनुसार 10 फीसदी से ज्यादा के रेट पेयजल में भी बढ़ने की उम्मीद है. इस तरह राज्य में बिजली और पानी नए वित्तीय वर्ष से महंगा होने जा रहा है. इस तरह लोगों को अब अप्रैल से बिजली और पानी के लिए अपनी जेब ढीली करनी होगी

प्रस्ताव पर नियामक आयोग

इस प्रस्ताव पर नियामक आयोग ने 26 फरवरी से आठ मार्च तक रानीखेत, रुद्रपुर, देहरादून, कोटद्वार में जन सुनवाई की। लंबे समय से घरेलू बिजली की दरों में बढ़ोतरी नहीं हुई है। हर बार यूपीसीएल की ओर से प्रस्ताव भेजा जाता है लेकिन आयोग बढ़ोतरी नहीं करता। इस बार यूपीसीएल के घाटे को देखते हुए घरेलू दरों में बढ़ोतरी का दबाव है। माना जा रहा है कि घरेलू दरों में भी कुछ बढ़ोतरी हो सकती है।

 

 

 

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