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उत्तराखंड में कुमाऊं के सैकड़ों स्कूलों में शिक्षकों को ढूंढ रहे है बच्चे

ByKOMAL.PUNDIR

Jul 8, 2025
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उत्तराखंड में कुमाऊं के सैकड़ों स्कूलों में शिक्षकों को ढूंढ रहे है बच्चे

 

कुमाऊं में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। सैकड़ों स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। हालात ये हैं कि कई स्कूल तो एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं।कुमाऊं में प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। सैकड़ों स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। हालात ये हैं कि कई स्कूल तो एकल शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। एक ओर क्लस्टर स्कूल प्रणाली पर हंगामा मचा हुआ है तो दूसरी ओर सरकारी स्कूलों की यह जमीनी हकीकत चौंकाने वाली है।

कुमाऊं में शिक्षकों की कमी पर पड़ताल करने पर पता चला कि मंडल के सभी छह जिलों में एलटी और प्रवक्ताओं के पांच हजार से अधिक पद रिक्त हैं। सभी जिलों में शिक्षकों की भारी कमी है। प्राथमिक जूनियर विद्यालयों से लेकर इंटर कॉलेजों तक में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में शिक्षक रिटायर हो रहे हैं। लगातार शिक्षकों की संख्या घटती जा रही है। वहीं, शिक्षा निदेशालय रिक्त पदों को भरने में सफल नहीं हो सका है।

गांवों में रहने वाले बच्चों के पास न तो विकल्प हैं और न ही संसाधन। ऐसे में सरकारी स्कूल ही उनका एकमात्र सहारा हैं। शिक्षकों के अभाव में बच्चों की पढ़ाई और भविष्य, दोनों ही अधर में हैं। छात्रों की कम उठ रहे सवाल संख्या, शिक्षकों की अनुपलब्धता और अभिभावकों की निराशा, ये तीन कारक कई सरकारी स्कूलों को बंद होने के कगार पर खड़ा कर चुके हैं। इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि कुमाऊं के इन सरकारी स्कूलों में देश का भविष्य कैसे संवर रहा होगा।

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