रुड़की CBRI में CSIR का 85वां स्थापना दिवस: सतत निर्माण तकनीकों को बढ़ावा, तीन तकनीकों का हस्तांतरण और दो अहम MoU पर हस्ताक्षर
रुड़की स्थित सीएसआईआर-केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (CBRI) में 12 अक्टूबर को सीएसआईआर का 85वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। रवींद्रनाथ टैगोर सभागार में आयोजित समारोह में आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. कमल किशोर पंत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर सीबीआरआई के निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार ने संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों और अनुसंधान कार्यों की जानकारी देते हुए भवन निर्माण विज्ञान, संरचनात्मक सुरक्षा, आपदा जोखिम न्यूनीकरण और टिकाऊ निर्माण तकनीकों में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने वसुंधरा ताल में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) की पूर्व चेतावनी प्रणाली, स्मार्ट विलेज पहल और अग्नि सुरक्षा के क्षेत्र में संस्थान के कार्यों का उल्लेख किया। वहीं, मुख्य अतिथि प्रो. कमल किशोर पंत ने सतत निर्माण सामग्री, कार्बन उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण अनुकूल भवन निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान को व्यावहारिक उपयोग से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
समारोह के दौरान सीएसआईआर-सीबीआरआई की तीन विकसित तकनीकों का उद्योगों को हस्तांतरण किया गया, जिनमें ग्रेनाइट अपशिष्ट से पेवर ब्लॉक बनाने, निर्माण एवं विध्वंस अपशिष्ट से हल्के भवन उत्पाद तैयार करने और कम कार्बन उत्सर्जन वाली पकी मिट्टी की ईंटों के उत्पादन की तकनीक शामिल हैं। इसके अलावा, प्लास्टिक अपशिष्ट से हल्के चिनाई ब्लॉक विकसित करने और चीड़ की पत्तियों से पर्यावरण अनुकूल इंटरलॉकिंग कंपोजिट ईंटें बनाने के लिए दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट 2025-26 के हिंदी संस्करण और भवनों के पुनर्वास एवं सुदृढ़ीकरण से संबंधित हैंडबुक का विमोचन भी किया गया। कर्मचारियों और विद्यार्थियों को सम्मानित करने के साथ छात्रवृत्तियां एवं पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह ने वैज्ञानिक नवाचार, अपशिष्ट के प्रभावी उपयोग और सुरक्षित, टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल भवन निर्माण के क्षेत्र में सीबीआरआई की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया।


