लंबे संघर्ष के बाद लालढांग को बड़ी सौगात
रवासन नदी पर 10 करोड़ से बनेगा पुल
विधायक अनुपमा रावत के प्रयासों के बाद मिली स्वीकृति
हरिद्वार के लालढांग क्षेत्र में रवासन नदी पर पुल निर्माण को सरकार से स्वीकृति मिल गई है। कांग्रेस विधायक अनुपमा रावत ने बताया कि करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल आसपास के ग्रामीणों के लिए आवागमन का बड़ा सहारा बनेगा। बरसात के दौरान नदी पार करने में होने वाली परेशानियों के चलते क्षेत्र के लोग लंबे समय से पुल निर्माण की मांग कर रहे थे। विधायक ने कहा कि पुल न होने के कारण हादसों में दो नौजवानों और एक होनहार बच्चे की जान जा चुकी है। स्वीकृति मिलने पर खुशी है, लेकिन इन मौतों का दुख हमेशा रहेगा। उन्होंने संघर्ष में साथ देने वालों और मुद्दे को प्रमुखता से उठाने वाले मीडिया कर्मियों का आभार जताते हुए कहा कि यह पुल आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के लिए जीवनदायिनी साबित होगा।
विधायक अनुपमा रावत ने बताया कि वर्ष 2022 में विधायक बनने के बाद से ही वह पुल निर्माण के लिए लगातार प्रयास कर रही थीं। वन क्षेत्र की जमीन होने के कारण वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC मिलना बड़ी चुनौती था। पुल के साथ नलोंवाला सड़क और पीली पड़ाव स्थित डिग्री कॉलेज से जुड़े कार्यों में भी वन विभाग की अनुमति जरूरी थी। उन्होंने पुल निर्माण की मांग को लेकर जल आंदोलन किया और सरकार को दस दिन का अल्टीमेटम दिया था। इसके बाद 17 तारीख को पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने फोन कर NOC मिलने और पुल को स्वीकृति दिए जाने की जानकारी दी, जबकि संबंधित पत्र 19 तारीख को उन्हें सौंपा गया। उन्होंने कहा कि मीडिया में मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद अधिकारियों ने भी तेजी दिखाई। विधायक ने स्पष्ट किया कि राज्य योजना के तहत विधायक और सांसद प्रस्ताव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण के लिए उनका संघर्ष लगातार जारी रहा और इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया पर भी साझा की।


