हरिद्वार में संतों की ‘गोबर होली’ जूना अखाड़ा से प्रकृति परंपरा और आस्था का अनोखा संदेश
धर्मनगरी हरिद्वार में फाल्गुन मास की मस्ती और रंगों के बीच जूना अखाड़ा के संतों ने अनोखे अंदाज में ‘गोबर होली’ खेलकर परंपरा और आस्था का संदेश दिया। जूना अखाड़ा स्थित माया देवी मंदिर प्रांगण में निरंजनी अखाड़ा और जूना अखाड़ा के संतों ने पारंपरिक रंगों के साथ गाय के गोबर से एक-दूसरे को तिलक लगाकर होली मनाई। भजन-कीर्तन और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच संतों ने देशवासियों को प्रेम, सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इस अवसर पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि गोबर होली हमारी सनातन परंपरा का प्रतीक है और गाय को हिंदू धर्म में माता का दर्जा प्राप्त है। वहीं परिषद के महामंत्री स्वामी हरिगिरि महाराज ने कहा कि यह पर्व संत समाज को एक सूत्र में बांधता है और समाज को अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश देता है। संतों ने आह्वान किया कि होली को मर्यादा, प्रेम और प्रकृति के साथ सामंजस्य बनाकर मनाया जाए।

