: एक संकल्प किसी के जीवन में नई रोशनी ला सकता है, हरिद्वार में 180 से अधिक लोगों ने लिया नेत्रदान, अंगदान और देहदान का संकल्प
हरिद्वार में दधीचि देहदान समिति के तृतीय वार्षिक उत्सव एवं महर्षि दधीचि स्मृति यज्ञ का आयोजन आर्य समाज मंदिर, सेक्टर-1 भेल में श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया। कार्यक्रम में नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान के संकल्पधारियों और दिवंगत दानदाताओं के परिजनों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महामंडलेश्वर स्वामी रूपेंद्र प्रकाश ने की, जबकि मुख्य वक्ता डॉ. दिनेश चंद्र शास्त्री ने सेवा, त्याग और परोपकार की भारतीय परंपरा पर प्रकाश डालते हुए स्वयं नेत्रदान एवं देहदान का संकल्प लेने की घोषणा की। समिति के अध्यक्ष सुभाष चाँदना ने बताया कि समिति के प्रयासों से अब तक 180 से अधिक लोग नेत्रदान, अंगदान एवं देहदान का संकल्प ले चुके हैं और पिछले एक वर्ष में करीब 35 नए लोग इस अभियान से जुड़े हैं।
कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश के डॉ. राजीव चौधरी ने देहदान के चिकित्सकीय और वैज्ञानिक महत्व को बताते हुए कहा कि मेडिकल विद्यार्थियों की शिक्षा और चिकित्सा शोध के लिए देहदान का महत्वपूर्ण योगदान है। वहीं दिवंगत दानदाताओं के परिजनों ने अपने भावुक अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रियजन को खोने का दुख हमेशा रहता है, लेकिन इस बात का संतोष है कि उनके जाने के बाद भी उनकी आंखें किसी के जीवन में रोशनी ला सकीं। समारोह में मौजूद लोगों ने महर्षि दधीचि के त्याग और परोपकार को स्मरण करते हुए मानवता की सेवा का संकल्प लिया। समिति ने अपील की कि परिवार का कम से कम एक सदस्य नेत्रदान, अंगदान या देहदान का संकल्प लेकर इस अभियान को आगे बढ़ाए।

