उत्तर प्रदेश लखनऊ
योगी आदित्यनाथ बोले—जागृत शिक्षक ही भारत को विश्वगुरु बनाने में निभाएगा निर्णायक भूमिका, शिक्षा में संस्कारों को जोड़ने पर जोर
लखनऊ में आयोजित प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं, बल्कि संस्कारों और जीवन-मूल्यों की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी तक इन मूल्यों को पहुंचाने में शिक्षक की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जागृत और संस्कारवान शिक्षक विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ चरित्र, कर्तव्यबोध और राष्ट्रप्रेम विकसित कर भारत को विश्वगुरु बनाने में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, संस्कार और जीवन-मूल्यों से जोड़ने के प्रयासों पर भी चर्चा हुई।
कार्यशाला की अध्यक्षता देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विषय का ज्ञान देने वाला नहीं, बल्कि विद्यार्थी के व्यक्तित्व को दिशा देने वाला मार्गदर्शक होता है। शिक्षक स्वयं संस्कार, अनुशासन, संवेदना और राष्ट्रनिष्ठा का उदाहरण बनेगा, तभी विद्यार्थी इन मूल्यों को अपने जीवन में उतारेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से स्मृति चिह्न, गंगाजली और रुद्राक्ष माला भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के शीर्ष दस विद्यालयों को सम्मानित किया गया।

